अक्षय कुमार को कभी खिलाड़ी कुमार तो कभी एक्शन कुमार तो कभी कभार कॉमेडी कुमार भी कह दिया गया लेकिन पिछले कुछ सालों में मानो वो फ्लॉप कुमार हो गए हैं। आखिर क्यों हुआ ऐसा! आज हम इसका विश्लेषण करेंगे। अक्षय कुमार की ताजा फिल्म सरफिरा का भी वही हश्र हुआ जो उनकी हाल की दर्जनों असफल फिल्मों का हुआ। पिछले पांच साल में उनकी ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर डूब गईं। बड़े बजट और स्टार कास्ट के बावजूद सरफिरा जादू नहीं चला। साल 2021 की सूर्यवंशी के बाद उनकी कई फिल्मों के साथ ऐसा ही हुआ है। OMG2 को छोड़कर अक्षय की सारी फिल्में फ्लॉप हो गईं। बेलबॉटम, अतरंगी रे, बच्चन पांडे, सम्राट पृथ्वीराज, रक्षा बंधन, राम सेतु, सेल्फी, मिशन रानीगंज और बड़े मियां छोटे मियां सबके सब बॉक्स ऑफ़िस पर फ्लॉप। आखिर इसकी वजह क्या है?
हालांकि यह पहली बार नहीं है कि अक्षय कुमार फ्लॉप कुमार साबित हुए। पहले भी उनकी लगातार 16 फिल्में फ्लॉप हुई थीं। हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में अक्षय कुमार ने अपनी फ्लॉप होती फिल्मों को स्वीकार किया। उन्होंने ये भी कहा कि – ऐसा नहीं है कि मैंने ऐसा दौर पहले नहीं देखा है, लेकिन तब भी मैं मजबूती से खड़ा रहा और काम करता रहा और मैं आगे भी ऐसा ही करूंगा। मैं एक तरह की शैली से चिपका नहीं रहता। स्टाइल बदलता रहता हू्ं। सफलता मिले या न मिले, मैंने हमेशा इसी तरह से काम पर ध्यान दिया है।
अक्षय कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 90-91 से की थी। उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं- 1992 और 1999 के बीच उन्होंने मोहरा, खिलाड़ी, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, सबसे बड़ा खिलाड़ी, खिलाड़ियों का खिलाड़ी, मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी जैसी फिल्मों के साथ एक एक्शन हीरो के रूप में स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने
कॉमेडी में कदम रखा और गरम मसाला, हेरा फेरी, फिर हेराफेरी, भागम भाग, हे बेबी, भूल भुलैया, वेलकम, सिंह इज किंग, हाउसफुल, हाउसफुल 2, राउडी राठौर और ओएमजी: ओह माय गॉड (2012) जैसी हिट फिल्मों के साथ नई पहचान बनाई।
साल 2014 के बाद अक्षय का झुकाव बदला और उन्होंने सामाजिक राष्ट्रीय विषयों को चुना। 2016 और 2019 के बीच एयरलिफ्ट, हाउसफुल 3, रुस्तम, जॉली एलएलबी 2, टॉयलेट एक प्रेम कथा, गोल्ड जैसी फिल्मों से नई धाक जमाई। इसके बाद 2019 में उनकी चार सुपरहिट फ़िल्में आईं- केसरी, मिशन मंगल, हाउसफुल 4 और गुड न्यूज़। लेकिन अफसोस ये कि कोरोना महामारी के बाद के दौर में केवल सूर्यवंशी और OMG2 को ही सफलता और चर्चा मिल सकी। लेकिन इन दोनों फिल्मों के बाद अक्षय कुमार में ऐसा लगता है कोई स्पार्क नहीं बचा। आखिर क्यों इस पर उनको जरूर आत्ममंथन करना चाहिए।
हालांकि अक्षय कुमार में दोबारा हिट फिल्म देने की क्षमता है लेकिन शायद फिल्मों और कैरेक्टर का चुनाव ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। सरफिरा में उनका किरदार उनकी उम्र के हिसाब से सुटेबल नहीं था। वह उस किरदार में फिट नहीं लग रहे थे। बल्कि राधिका मदान उनके आगे ज्यादा आकर्षक लग रही थीं। राधिका ने सिरफिरा में एक प्रकार से चौंका दिया है।
हर अभिनेता के करियर में ऐसा दौर आता है, लेकिन वो वापस पटरी पर भी आते हैं। शाहरुख ने बेहतर कमबैक किया है। अक्षय कुमार की आने वाली कुछ ऐसी फिल्में हैं जो कॉमेडी प्रधान हैं मसलन-खेल खेल में। साथ ही उनकी हिट फ्रेंचाइजी की फिल्में मसलन- हाउसफुल 5, वेलकम टू द जंगल और जॉली एलएलबी 3 है। वह अजय देवगन की सिंघम अगेन में भी कैमियो करते नजर आएंगे। उनके पिछला करियर देखें तो एक्शन के बाद कॉमेडी ने उनके करियर को एक अलग मुकाम दिलाया था, लेकिन कॉमेडी के बाद खुद को राष्ट्रभक्त कहलाने की होड़ में उन्होंने जिन फिल्मों में अभियन किया, वे फिल्में ही उनको ले डूबीं। दर्शकों ने उनको ना तो सम्राट पृथ्वीराज के तौर पर पसंद किया और ना ही रामसेतु की सचाई जानने के मिशन में जुटे पुरातत्वविद् डॉ. आर्यन कुलश्रेष्ठ के तौर पर।
अंत मैं यही कहूंगा कि अक्षय कुमार के लिए बेहतर यही होगा कि वो सत्ता के दिखावे वाली फिल्मों के बदले अपने ओरिजिनल कंफर्ट पर अधिक फोकस करें तो उनका सुपरहिट दौर फिर से वापस आ सकता है।
-संजीव श्रीवास्तव
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